Friday, 10 April 2015

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कृषि के विशिष्ट प्रकार :-1.विटीकल्चर :-अंगूरों की व्यापारिक स्तर पर खेती ।2.एपिकल्चर:-मधुमक्खी पालन या शहद की व्यापारिक स्तर पर खेती 
।3.सेरी कल्चर :-सह्तुत के वृक्षों पर रेशम के कीड़ो का पालन करना 
।4.सिल्वी कल्चर :-वनों का संरक्षण व संवर्द्धन से सम्बंधित 
।5.फ्लोरी कल्चर :-फूलो की व्यापारिक स्तर पर कृषि
6.होर्टी कल्चर :-शाक- सब्जियों की व्यापारिक स्तर पर कृषि
7.ओलेरी कल्चर :-जमीन पर फैलने वाली शाक सब्जियों की कृषि
8.ओलिवि कल्चर :-जैतून की व्यापारिक स्तर पर कृषि
9.पीसी कल्चर :-मछलियों का व्यापारिक स्तर पर पालन
10.होर्सी कल्चर :-घोड़ो का व्यापारिक स्तर पर पालन 
।11.अर्वरी कल्चर :-वृक्षों एवं झाड़ियो की कृषि 
1.गहन कृषि :-जिन देशो में जनसँख्या के अनुपात में कृषि भूमि की कमी होती है वहा प्रति हैक्टेयर अधिक उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है तथा एक वर्ष में दो या तीन फासले प्राप्त की जाती है ।जैसे:- मानसूनी प्रदेश
2.विस्तृत कृषि :-यह कृषि विकसित देशो में की जाती है ।इस प्रकार की कृषि में बड़े बड़े फर्मो पर अत्याधुनिक यंत्रो के द्वारा कृषि की जाती है 
3.मिश्रित कृषि :-जब कृषि व पशुपालन एक साथ किया जाता है तो इसे मिश्रित कृषि कहा जाता है ।
4.बागाती कृषि :-इस प्रकार की कृषि में बड़े बड़े बागन लगाये जाते है । इसका उदेश्य नकदी प्राप्तकरना होता है ।उदहारण :- चाय के बागान,रबर के बागान आदि ।
5.ट्रंक फार्मिग :-इस कृषि में दैनिक उपयोग में आने वाली उपजो को ट्रको में भरकर उपभोक्ता केन्द्रों तक लाया जाता है ।उदहारण :- सक सब्जिय फल फुल
6.स्थानांतरित कृषि :-यह कृषि मुख्य रूप से आदिवासियों के द्वारा की जाती है ।== इस कृषि के अंतर्गत जंगलो को साफ करने तब तक कृषि की जाती है जब तक भूमि में उर्वरता बनी रहती है ,उर्वरता समाप्त होने के बाद आगे के जंगलो को साफ किया जाता है ।== भारत में स्थानांतरित कृषि के क्षेत्रीय नाम ...झुमिंग --असमकुमारी -- पश्चिमी घाट (केरल)पोंदु -- आन्ध्र प्रदेशवालेरा -- दक्षिण राजस्थान== विश्व में स्थानांतरित कृषि के नाम ...मलेशिया --लदांगवेनेजुएला -- कोनुकोमध्य अमेरिका -- मिल्पाब्राजील -- रोकोसुदन -- न्गासुश्रीलंका --चेनामिश्रित फसलफसलो को बदल बदल कर बोना,ताकि खेत की उर्वरता बनी रहे ।मिश्रित फसल चक्र :-एक ही कृषि जोत को अलग -अलग भागो में बटकर अलग -अलग बोना मिश्रित फसल चक्र कहलाता है ।महत्वपूर्ण क्रान्तिया --1.हरित क्रांति :-जनक :- नार्मन इ. बोरलोग (मैक्सिको)भारत में जनक :- एम.एस.स्वामीनाथनक्रांति की शुरुआत :- सन १९६६-६७ मानी जाती है ।उदेश्य :-खाधानो में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना ।बीजो का प्रयोग :- H .V V .(उच्च गुणवता किस्म )हरित क्रांति से सर्वाधिक लाभ प्राप्त करने वाले राज्य :-उ.प ,हरियाणा व पंजाबहरित क्रांति से सर्वाधिक प्रभावित फासले१.गेंहू२. चावलदुष्परिणाम :-१.क्षेत्रीय असंतुलन को बढ़ावा मिला२.वर्ग संघर्ष को बढ़ावा मिला३.हरित क्रांति का प्रभाव सीमित फसलो पर ही पड़ा ।
2.इन्द्र धनुष क्रांतिशुरुआत -- 28 जुलाई 2000जनक -- एम.एस.स्वामीनाथनउद्देश्य-- अन्य क्रांति पर नियंत्रण रखना ।
3.श्वेत क्रांति :-जनक -- वर्गीज कुरियनशुरुआत -- १९७०मे आपरेशन फ्लड कार्यक्रम के तहतउद्देश्य- दूध के उत्पादन को बढ़ावा व पशुओ की नसल में सुधर करना ।
4.गुलाबी क्रांति --झींगा मछली से सम्बन्धित5.नीली क्रांति --मछली उत्पादन से सम्बन्धित
6.गोल क्रांति --आलू के उत्पादन से सम्बन्धित7.लाल क्रांति --टमाटर व मांस उत्पादन से सम्बन्धित
8.पीली क्रांति --सरसों व तिलहन के उत्पादन से सम्बन्ध्ति
9.रजत क्रांति --अंडे के उत्पादन से सम्बंधित
10.धूसर क्रांति --सीमेंट के उत्पादन से सम्बन्धित
11.भूरी क्रांति-खाद्यान प्रसंस्करण
12.सन राइज या सूर्योदय क्रांति --- इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से सम्बन्धित
13.सुनहरी क्रांति --फूलो व बागवानी से सम्बन्धित
14.कलि या कृष्ण क्रांति --पेट्रोलियम पदार्थो से सम्बन्धितमहत्वपूर्ण टोपिक ::-सफ़ेद कोयला -- जल विधुत को कहा जाता हैसफ़ेद सोना -- कपासपिला सोना -- हो -हो- बाकाला सोना -- अफीमकाला तरल सोना -- पेट्रोलियमसोने का रेशा -- जुट (प.बंगाल)भारत की प्रमुख फसले:--
1.चावल :-चावल के उत्पादन में भारत का चीन के बाद विश्व में दूसरा स्थान है ।== पश्चिमी बंगाल भारत में सर्वाधिक चावल का उत्पादन करता है ।== चावल भारत का सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान है ।
2. गेंहू :-गेंहू के उत्पादन में भारत का चीन के बाद दूसरा स्थान है ।== भारत में सर्वाधिक गेंहू का उत्पादन करने वाला राज्य उ.प. है ।==प्रति हैक्टेयर सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य पंजाब है ।
3.जौ :-सर्वाधिक उत्पादन -उ.प में होता है ।
4.मक्का :-कर्नाटक
5.ज्वर :-महाराष्ट्र
6.बाजरा :-राजस्थान
7.सरसों :-राजस्थान को "सरसों का प्रदेश " भी कहा जाता है ।
8.तिलहन :-मूंगफली,नारियल,सोयाबीनमूंगफली - गुजरातनारियल -केरलसोयाबीन - म.प
9.दहलन :-म.पचना -म.प
10.कपास :-गुजरात व महाराष्ट्र
11.जुट :-पश्चिमी बंगाल
12.चाय :-असमअसम चाय के लिए उपयुक्त मिटटी लेटेराइट होती है ।== ची के पौधे को अधिक पानी की आवश्यकता होती है परन्तु इसकी जड़ो में पानी नहीं रुकना चाहए ।इसलिए इसकी खेती पहाड़ी ढलानों पर की जाती है ।=भारत में सर्वाधिक उत्पादन -- असम
1.ब्रह्मपुत्र नदी की घाटी
2.सुरमा नदी की घाटीअन्य क्षेत्र -- दार्जिलिंग (प.बंगाल )= नैनीताल व अलमोठा -- उतराखंड== "तमिलनाडु " दक्षिण भारत का सर्वाधिक चाय पैदा करने वाला राज्य है ।== भारत चाय का सर्वाधिक निर्यात ग्रेट ब्रिटेन को करता है ।
13.कोफ़ी :-भारत में सर्वाधिक कोफ़ी "कर्नाटक" में पैदा होती है ।== भारत में कोफ़ी की किस्मे 
1.अरेबिका 
2.रोबस्टा=अरेबिका किस्म भारत में अधिक मात्र में पैदा की जाती है== यमन का मोचा कहवा विश्व प्रसिद्ध है ।14.रबर :-केरल

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सरस्वती सम्मान-2014 | e-dristi - प्रश्न- हाल ही में के.के. बिरला फाउंडेशन द्वारा सरस्वती सम्मान-2014 निम्न में से किसे प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है?
(a) लक्ष्मी नंदन बोरा
(b) जगन्नाथ प्रसाद दास
(c) एम. वीरप्पा मोइली
(d) हरिवंश राय बच्चन
उत्तर-(c) 
संबंधित तथ्य

9 मार्च, 2015 को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री एम. वीरप्पा मोइली को उनकी कन्नड़ कविता रामायण महान्वेषणम (Ramayana Mahanveshanam) के लिए वर्ष 2014 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया है।
ज्ञातव्य है कि एस.एल. भयरप्पा (S.L. Bhyrappa) के बाद एम. वीरप्पा मोइली यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले दूसरे कन्नड़ लेखक हैं।
एस.एल. भयरप्पा के विषय में उल्लेखनीय है कि उन्हें यह सम्मान वर्ष 2010 में उनके प्रतिष्ठित उपन्यास ‘मंद्र’ के लिए प्रदान किया गया था।
‘रामायण महान्वेषणम’प्रथम बार वर्ष 2007 में कन्नड़ भाषा में प्रकाशित की गई थी।
इसके पश्चात इसका अंग्रेजी, हिंदी, तेलुगु और तमिल में अनुवाद किया गया था।
एम. वीरप्पा मोइली वर्ष 1992 से 1994 के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे।
यूपीए सरकार के दौरान श्री मोइली ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कारपोरेट मामलों, विधि और न्याय जैसे कई मंत्रालयों का दायित्व संभाला था।
इनके कुछ प्रसिद्ध उपन्यास एवं कविताएं निम्न हैं- तेंबारे, सुलीगली, सागरादीप, हालु जेनु मथते, इत्यादि।
ज्ञातव्य है कि बिरला फाउंडेशन के इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले अब तक के वे 24वें व्यक्ति हैं।
सरस्वती सम्मान भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भारतीय भाषाओं के भारतीय लेखकों की पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित साहित्यिक कृति को प्रदान किया जाता है।


पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -
1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित 
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी 
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु
( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-

ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। 

ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी 

ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है। 

ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा 
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85 
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद


अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार। 
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :- 
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी 

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

+91 94 57 252132

गुजरात में अहमदाबाद के एल डी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र ध्रुव पटेल ने गौ माता की रक्षा के लिए एक ऐसा केमिकल इंजेक्शन तैयार किया है जिसे गौ माता को लगाने के बाद गौ माता को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन गौ माता के मांस को खाने वाले की 4 घंटे के अन्दर-अन्दर मौत हो जाएगी !
आपसे प्रार्थना है इस मेसेज को आग की तरह फैला दो जिससे गौमाता का मॉस खाने वाले उसका वध करने से पहले सौ बार सोचे।

5 लोगों को भेजें और से अपने अच्छे समय शुरू देखना
 अगले मिनट
विशेष सूचना 

इजराइल व रूस दोनों देशों में एक साथ
गौ हत्या करने पर 72 घंटे के अंदर सजा-ए-मौत
का फरमान जारी किया गया है धन्यवाद इजराईल व रूस के गौ रक्षा दल के
जवानों के प्रयास व इजराईल व रूस देश के
राष्ट्रपति जी को समस्त हिन्दुस्तानीयोंकी और से
शत-शत प्रणाम है

अगर आपके इलाके में गौ तस्करी हो रही है
तो कृपया इन नम्बरों पर तुरन्त सूचना दे !

गऊ रक्षा दलो के मो. न. 

राज. 09414245251,

पंजाब. 09814284153,

दिल्ली. 09711195952,

हरि. 08295312050,

गुज. 09805467442 

युपी. 09897904111,

M.P. 07552733777,

महा. 07552733777,

बुंदेलखंड. 09621344698,

Karnatak. 09886699957,

पब. 09433118551,

हि. 09816072246,

A.P. 09000214000, .. ..

"हिन्दू" हो तो इस मैसेज को सारे हिन्दुओ तक
फैला दो।

आगे शेयर नहीं किया तो आपको अपनी गौमाता की सोगंध है  

वन्दे गौ मातरमm

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